Saturday, 2 May 2015

जानिए, 'स्‍मार्ट सिटी' में क्‍या होगा खास, राज्‍यों को क्‍या होगा फायदा -




नरेंद्र मोदी की महत्‍वकांक्षी परियोजना 'स्‍मार्ट सिटी' को कैबिनेट की मंजूरी मिल चुकी है. 100 स्‍मार्ट सिटी बनाने का काम जल्‍द शुरू किया जायेगा. इसमें सरकार प्रारंभिक पांच वर्षों में 45000 से 50000 करोड़ रुपये खर्च करेगी. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आर्थिक विकास की रफ्तार तेज करने एवं समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने हेतु 'कायाकल्‍प एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन' एवं 'स्‍मार्ट सिटी मिशन' को मंजूरी दी.

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने आज अगले पांच वर्षों के दौरान दो नये शहरी मिशनों के तहत केन्‍द्र सरकार की ओर से शहरी विकास पर तकरीबन एक लाख करोड़ रुपये खर्च करने को अपनी स्‍वीकृति दे दी. कैबिनेट ने 'स्‍मार्ट सिटी मिशन' और '500 शहरों के कायाकल्‍प एवं शहरी रूपांतरण के लिए अटल मिशन (अमरूत)' को मंजूरी दी है, जिनके लिए परिव्‍यय क्रमश: 48,000 करोड़ तथा 50,000 करोड़ रुपये है.

इसका मुख्‍य उद्देश्‍य शहरी क्षेत्रों को और ज्‍यादा रहने लायक तथा समावेशी बनाने के साथ-साथ आर्थिक विकास की रफ्तार तेज करने हेतु देश के शहरी परिदृश्‍य में व्‍यापक बदलाव लाना है. स्‍मार्ट सिटी मिशन के तहत हर चयनित शहर को अगले पांच वर्षों के दौरान हर साल 100 करोड़ रुपये की केन्‍द्रीय सहायता दी जाएगी. 

सिटी चैलेंज कंपटीशन के जरिए होगा शहरों का चयन -

स्‍मार्ट सिटी की आकांक्षा रखने वालों का चयन एक 'सिटी चैलेंज कंपटीशन' के जरिए किया जाएगा, जिसके तहत मिशन के लक्ष्‍यों को पाने की दिशा में शहरों की क्षमता को वित्‍त पोषण से जोड़ा जाएगा. स्मार्ट सिटी बनाने में राज्यों तथा शहरी निकायों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. केन्द्र सरकार सहायक होगी और कुछ वित्तीय सहायता भी देगी. स्मार्ट सिटी बनने कि इच्छुक शहरों को "सिटी चैलेंज" स्पर्धा में शामिल होना होगा.

इसी स्पर्धा में शहरों की स्मार्ट सिटी बनने की क्षमता योग्यता का मूल्यांकन होगा. हर राज्‍य तय नियमों के मुताबिक स्‍मार्ट सिटी की आकांक्षा रखने वालों की एक खास संख्‍या का चयन करेगा और वे इस दिशा में आगे के मूल्‍यांकन के लिए स्‍मार्ट सिटी से जुड़े प्रस्‍ताव तैयार करेंगे, ताकि केन्‍द्रीय सहायता सुलभ कराई जा सके. 100 स्‍मार्ट शहरों के निर्माण के इस मिशन का उद्देश्‍य उपलब्‍ध परिसंपत्तियों, संसाधनों एवं बुनियादी ढांचे के कारगर इस्‍तेमाल के लिए स्‍मार्ट सोल्‍यूशन को अपनाने के लिए बढ़ावा देना है, ताकि शहरी जीवन की गुणवत्‍ता बेहतर हो सके और स्‍वच्‍छ एवं टिकाऊ माहौल सुलभ हो सके. इसके तहत शहरी नियोजन में नागरिकों की भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा.  

बुनयादी ढ़ांचागत सेवाओं पर ध्‍यान होगा केंद्रित -

स्‍मार्ट सिटी पहल के तहत प्रमुख बुनियादी ढांचागत सेवाओं पर ध्‍यान केन्द्रित किया जाएगा, जिनमें पर्याप्‍त एवं स्‍वच्‍छ जल की आपूर्ति, साफ-सफाई, ठोस कचरे का प्रबंधन, शहरों में आवागमन और सार्वजनिक परिवहन की कारगर व्‍यवस्‍था, गरीबों के लिए सस्‍ते मकान, बिजली की आपूर्ति, सुदृढ़ आइटी कनेक्टिविटी, गवर्नेंस खासकर ई-गवर्नेंस एवं नागरिकों की भागीदारी, नागरिकों की सुरक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य, शिक्षा और टिकाऊ शहरी माहौल शामिल हैं. स्‍मार्ट सिटी से जुड़ी कार्य योजनाओं को विशेष उद्देश्‍य वाहन एसपीवी के जरिए क्रियान्वित किया जाएगा. हर शहर के लिए एसपीवी बनाया जाएगा और राज्‍य सरकारें एसपीवी के लिए संसाधनों का सतत प्रवाह सुनिश्चित करेंगी.  

स्‍मार्ट सिटी और आमरुत मिशन जुड़े हैं एक-दूसरे से -

स्‍मार्ट सिटी परियोजना और शहरी रुंपातरण के लिए अब्‍ल मिशन (आमरुत) एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं. 'अमरूत' में परियोजना से जुड़ा रूख अपनाया गया है, ताकि जलापूर्ति, सीवरेज, पानी की निकासी, परिवहन, हरित स्‍थलों एवं पार्कों के विकास से जुड़ी बुनियादी ढांचागत सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें. इसके तहत बच्‍चों की जरूरतों को पूरा करने का विशेष प्रावधान होगा. इस मिशन के क्रियान्‍वयन को ई-गवर्नेंस, धनराशि के हस्‍तांतरण एवं शहरी स्‍थानीय निकायों के कामकाज, प्रोफेशनल नगरपालिका कैडर, शहरी स्‍थानीय निकायों की साख रेटिंग जैसे शहरी सुधारों को बढ़ावा देने से जोड़ा जाएगा.  

बजट प्रावधान का 10 फीसदी देगी केंद्र सरकार -

बजट आवंटन का 10 फीसदी बतौर प्रोत्‍साहन केंद्र सरकार की ओर से राज्‍यों या केंद्र शासित प्रदेशों को दिया जाएगा, जो पिछले वर्ष के सुधारों से जुड़ी उपलब्धि पर आधारित होगा. इस मिशन को ऐसे 500 शहरों एवं कस्‍बों में क्रियान्वित किया जाएगा, जहां की आबादी एक लाख या उससे ज्‍यादा है. राज्‍य इस मिशन के तहत चिन्हित शहरों की जरूरतों के आधार पर योजनाएं तैयार कर सकेंगे. यही नहीं, राज्‍यों को इन योजनाओं के क्रियान्‍वयन एवं निगरानी में भी लचीलापन सुलभ होगा. केन्‍द्र सरकार परियोजनाओं का अलग-अलग आकलन नहीं करेगी, जो जेएनएनयूआरएम की व्‍यवस्‍था से अलग हटकर है.
10 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 50 फीसदी अनुदान मिलेगा -

जिन शहरों की आबादी 10 लाख के आसपास है, उन शहरों और कस्‍बों को केंद्र सरकार 50 फीसदी तक की सहायता उपलब्‍ध करायेगी. वहीं, 10 लाख से ज्‍यादा आबादी वाले शहरों एवं कस्‍बों के लिए परियोजना लागत के एक तिहाई के बराबर केन्‍द्रीय सहायता दी जाएगी. केन्‍द्रीय सहायता को 20:40:40 के अनुपात में तीन किस्‍तों में जारी किया जाएगा, जो राज्‍यों की वार्षिक कार्य योजनाओं में उल्‍लेखित लक्ष्‍यों की प्राप्ति पर आधारित होगी. 

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Friday, 1 May 2015

बीमा, पेंशन योजना का 9 मई को उद्घाटन करेंगे प्रधानमंत्री -

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक रुपये प्रति महीने प्रीमियम पर 2 लाख रुपये की दुर्घटना बीमा योजना समेत सामाजिक सुरक्षा की कुछ प्रमुख योजनाओं का नौ मई को कोलकाता में उद्घाटन करेंगे।
वित्त मंत्रालय के बयान के अनुसार प्रधानमंत्री द्वारा शुरू की जाने वाली इन योजनाओं का मकसद सस्ती दर पर और सरल तरीके से आवश्यक सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना है। इन योजनाओं को अंशधारकों के बैंक खाते के साथ पैसा स्वत: कटने की सुविधा से जुड़ी होंगी। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने 28 फरवरी आम बजट में को इस योजना की घोषणा की थी।
दो बीमा योजनाएं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (पीएमएसबीवाई) तथा प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के तहत बीमाधारकों को किसी कारण से असमय मृत्यु, सामान्य मौत या दुर्घटना के कारण अपंगता की स्थिति में बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं अटल पेंशन योजना (एपीवाई) वृद्धावस्था आय सुरक्षा की जरूरतों का समाधान करेगी।
जीवन बीमा या दुर्घटना बीमा और वृद्धावस्था आय सुरक्षा के दायरे में अभी बहुत कम लोग हैं। ऐसे में इन योजनाओं की आसान डिलीवरी प्रणाली से यह समस्या दूर होगी। बयान के अनुसार पीएमएसबीवाई के तहत दो लाख रुपये का मृत्यु सह अपंगता पर बीमा कवर मिलेगा। यह उत्पाद 18 से 70 वर्ष के सभी बचत खाताधारकों के लिये है। इसका प्रीमियम 12 रुपये सालाना है।
वहीं दूसरी तरफ पीएमजेजेबीवाई 18 से 50 साल के सभी बचत बैंक खाताधारकों को 2 लाख रुपये का जीवन बीमा कवर उपलब्ध कराएगी। इसका प्रीमियम प्रति ग्राहक 330 रुपये सालाना है।

अटल पेंशन योजना नाम से शुरू की जा रही पेंशन योजना के तहत असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों पर जोर दिया जाएगा। इसमें 60 साल के उम्र से 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये या 5,000 प्रति महीने का पेंशन मिलेगा जो योगदान राशि पर निर्भर करेगा। इस योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष के लोग ले सकते हैं।

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Tuesday, 21 April 2015

बेटी के लिए ऎसे खुलवाएं "सुकन्या समृद्धि खाता", मिलेंगे ये पांच फायदे -


बेटी को बोझ ना समझें और ना ही उसके जन्म पर निराश हों, क्योंकि बिना बेटी के परिवार नाम की संस्था का अस्तित्व ही खतरे में पड़ जाएगा। इसी संदेश के साथ देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान के तहत सुकन्या समृद्धि योजना को लांच किया। यह योजना बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करने के उद्देश्य से लांच की गई है। इस अनोखी योजना में खाता खुलवाना और इसके फायदे लेना बड़ा ही आसान है। 
  • "सुकन्या समृद्धि खाता" किसी भी डाकघर अथवा अधिकृत बैंक शाखा में खुलवाया जा सकता है। बेटी के जन्म के समय या फिर 10 साल की उम्र तक यह खाता खुलवाया जा सकता है। खाता खुलवाने के समय कम से कम 1000 रूपए और एक वित्त वर्ष में अधिकतम 1.5 लाख रूपए जमा करवाने होते हैं। अगर आपकी बेटी ने योजना शुरू होने के एक साल पहले भी 10 वर्ष की आयु प्राप्त कर ली हो, तो ऎसी बेटियों के खाते भी खुलवाए जा सकते हैं। हालांकि एक बेटी के नाम से एक ही खाता खोला जा सकता है।
  • परिवार में अगर दो बालिकाएं हैं, तो दोनों के लिए यह खाता खोला जा सकता है। एक परिवार में दोे से अधिक बालिकाओं का खाता इस योजना में नहीं जुड़वाया जा सकता है। हालांकि जुड़वां बच्चे होने की स्थिति में संबंधित प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर तीसरा खाता भी खुलवाया जा सकता है। बेटी के 10 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पहले खाते का संचालन अभिभावक ही करेंगे, लेकिन इसके पश्चात स्वयं खाताधारक बालिका भी खाते का संचालन अपने हाथ में ले सकेगी। इस खाते को देशभर में कहीं भी स्थानांतरित करवाया जा सकता है।
  • आपको इस खाते में न्यूनतम राशि खाता खोलने की तिथि से 14 वर्ष तक जमा करानी होगी। अगर खाते में न्यूनतम राशि जमा नहीं करवाई गई, तो न्यूनतम राशि सहित 50 रूपए पैनल्टी स्वरूप वसूल किए जाएंगे। खाता 21 वर्ष पूरे होने के बाद ही परिपक्व होगा।


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Monday, 20 April 2015

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “जन धन” योजना से जुडी कुछ अति महत्त्वपूर्ण बातें -

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी २८ अगस्त २०१४ को राष्ट्र को अति महत्वकांछी जन धन योजना समर्पित करने जा रहे है प्रधानमंत्री जन धन योजना देश व्यापी आधार योजना का अगला चरण है । इसका उद्देस्य अति गरीब देशवाशियो को अत्याधुनिक बैंकिंग सुविधाओ का लाभ पहुँचना है । प्रधानमंत्री जन धन योजना को एक ऑनलाइन प्रतियोगिता के आधार पर चुना गया जो की ७ जजों की पैनल ने अपनी सहमति से ६००० सुझावों में से चुना ।
प्रधानमंत्री जन धन योजना का नारा है “मेरा खाता - भाग्य विधाता ”। आम तौर पर जन धन योजना उन गरीब भारतीयों के लिए बनाई गयी है जिनके पास कोई बैंक अकाउंट नहीं हैं । प्रधानमंत्री जन धन योजना गरीब भारतीयों के लिए भी डेबिट कार्ड सुनिश्चित है।
इस योजना के तहत भारत के सभी ग्रामीण और क्षेत्रीय इलाको मे और सभी बैंको के सभी खातों द्वारा उन्हें डेबिट कार्ड्स उपलब्ध कराये जायेंगे जो की रु पैय की स्कीम के अन्तर्गत है । वीसा और मास्टरकार्ड के समकछ भारत ने रूपए को बनाया गया है ।सभी खता धारक किसी प्राणघातक दुर्घटना की स्थिति में १ लाख रूपए के बीमा के अधिकारी होंगे।
प्रधानमंत्री जन धन योजना को एक टारगेट के तहत ७.५ करोड़ परिवारों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य के साथ लागू किया जाएगा । उन्हें भारत के बैंकों के नियमो को जाने व् उनसे जुड़ के १५ करोड़ बैंक के खाते खोले जा सके। यानी प्रत्येक परिवार से २ बैंक खाते खुलना इस योजना के अंतर्गत प्रस्तावित है ।
कोई भी एक खाता ६ माह के अंदर खुल जाना चाहिये जोकि खाताधारक से उसकी आधार कार्ड की सुचना से जुड़ा हुआ है।जन धन योजना इन सभी सहायताओं के साथ व्यापार सम्बन्धी और बैंक सम्बन्धी एवं ५००० से कम की धनराशि वाले एवं पुरानी मिलो के खाताधारको को सहायता प्रदान करेगी।
यह जन धन योजना एक लम्बे समय तक चलने वाली तथा कम पैसे में सभी को बराबर की सहायता प्रदान करने वाली डिजिटल इंडिया स्कीम है I

प्रधानमंत्री जन धन योजना से आम लोगों को क्या लाभ होगा और कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी, उस पर एक नजर -

1- "इस योजना में बिना किसी रूपए जमा किए बैंक खाते खोले जाएंगे यानी जीरो बैलेंस पर खाते खुलेंगे।

2- आर्थिक रूप से पिछड़े जिन परिवारों के पास बैंक खाता नहीं है उनके बैंक खाते खुलवाए जाएंगे। इसमें साढे सात करोड़ परिवारों को शामिल किया जाएगा।

3- हर परिवार में कम से कम दो खाते खुलवाएं जाने की योजना है। यानी कुल 15 करोड़ खाते खोले जाने हैं।

3- इस योजना के तहत खाता खुलवाने पर व्यक्ति को 1 लाख रूपए की दुर्घटना बीमा मिलेगी। 

4- खाता खुलवाने के साथ ही ग्राहक को "रूपे" डेबिट कार्ड की भी सुविधा दी जाएगी। 

5- इस योजना के तहत आधार कार्ड से खुले खातों में 6 महीने बाद ग्राहक आवदेन देने पर जमा राशि से 5000 रूपए की अधिक राशि निकाल सकेगा। 

6- इस योजना का पहला चरण अगस्त 2014 में खत्म होगा। 

7- इस योजना का दूसरा चरण 2015 से 2018 तक चलेगा। उसमें पेंशन योजना "स्वालंबन" की भी सुविधा दी जाएगी। 

8- इसके पहले चरण में बैंक सात हजार से अधिक शाखाएं खोलेंगे और 20 हजार से अधिक एटीएम लगाएंगे। 

9- योजना के शुभारंभ के दिन खाता खोलने के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 60 हजार से अधिक कैंप लगाए गए।

10- इस योजना को लागू करने से 50 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। 

11- इस खाते को खुलवाने के लिए आधार कार्ड या उसका नंबर, मनरेगा जॉब कार्ड, वेाटर आईडी कार्ड, राशन, ड्राइविंग लाइसेंस, बिजली या टेलफोन बिल, जन्म या विवाह प्रमाण पत्र, सरपंच का लिखा पहचान पत्र और किसी मान्यता प्राप्त संस्था का पहचान पत्र जरूरी है।

12 सरकार खाता खुलवाने के बाद लक्षित लोगों को ही सब्सिडी देने पर विचार कर सके गी। इससे आम आदमी को आर्थिक सुरक्षा भी मिलेगी और वह बचत भी करेगा, जिससे सरकार को फायदा मिलेगा।

ये जानकारी अंतर्जाल (इंटरनेट) के सौजन्य से उपलब्ध हुई है।

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